Career in Travel and Tourism / यात्रा और पर्यटन में करियर

What: India is a vast country with diverse cultures and traditions. Our country offers a great fascination for those who crave to know about the splendour and magnificence of one of the oldest civilizations of the world and its scenic beauty. With the increasing globalization and unwrapping of our economy to the world, travel and tourism in India is getting a great opportunity. Technology, coupled with the growth of tourism globally, has had a large impact on transforming these jobs significantly. This forecasts a bright future for all those who choose to make a career in travel and tourism.

Tourism and Travel Management being a huge field offers bright career prospects in the industry. After learning tourism and travel management, you can find jobs in both private sector (airlines, transport, hotels, cargos, travel agencies) as well as public sector within directorates and tourism departments.

Jobs in travel and tourism industry offer good remuneration & growth. Pay scale differs at different levels, depending upon qualification and experience. As a fresher, one can start earning around Rs. 8000 to Rs. 12000 per month. However, the salary increases as experience grows. According to government estimation around 10 million people will be needed in this sector alone.

How: Career opportunities in travel and tourism exists both in the public and private sectors. As far as public sector is concerned, there are opportunities in the central and state tourism departments as tourism officers, information assistants, counter staff, marketing staff, reservation staff, tour guides, and tour planners. Other great prospects for qualified tourism professionals are in the private sector with travel agencies, tour operators, airlines, hotels, transport and cargo companies, etc. After a couple of years’ experience, professionals can start their own business and manage all travel requirements of their clients.

One can opt for a Graduate or Postgraduate course in Tourism and Travel Management. For entry into undergraduate courses, one must have passed 10+2 examination. Similarly a graduate in any discipline can pursue post graduate degree in tourism and travel. For admissions into these programs, candidates need to clear the entrance test, group discussion, and personal interview. Candidates, proficient in any foreign language, are generally preferred. Duration of these courses vary from 1-2 years, depending on the kind of course one prefers. Besides, there are many short-term certificate courses which run for less than a year’s duration. The minimum eligibility for certificate courses is 10+2 pass.

Where: Tourism is a service industry providing enough opportunities to meet lots of people if one enjoys meeting people and making them happy. As per World Travel and Tourism Council (W.T.T.C) 2001 estimates, about 207 million people are employed in Travel, Tourism, Hospitality and Allied Industry. About 8.2 % of total employed work-force in the world and 2.9 % of Total employed people in India are from the dynamic Travel and Tourism Industry. As per Government of India Ministry of Tourism, currently more than 5 million people are employed in Travel and Tourism Industry.

Institutions:

  • Sri Krishnadevaraya University, Anantapur, Andhra Pradesh;
  • National Institute of Tourism and Hospitality Management, Hyderabad;
  • Institute of Tourism and Future Management, Chandigarh;
  • Indian Institute of Tourism and Travel Management, New Delhi;
  • Sri Venkateshwara College, University of Delhi, New Delhi;
  • YWCA of Delhi Women’s Training Institute, New Delhi;
  • Sophia College, Mumbai

क्या: भारत विविध संस्कृतियों और परंपराओं वाला एक विशाल देश है। हमारा देश उन लोगों के मन में सहज जिज्ञासा पैदा करता है जो दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में शुमार इस भूमि की महिमा और भव्यता के साथ यहां की प्राकृतिक सुंदरता के बारे में जानना चाहतें हैं। लगातार बढ़ते वैश्वीकरण और हमारी उदारवादी अर्थव्यवस्था ने भारत में यात्रा और पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाओं के द्वार खोल दिये हैं। विश्व स्तर पर हो रहे पर्यटन के विकास और अत्याधुनिक तकनीक की भी इस बदलाव में बड़ी भूमिका रही है। इससे यात्रा और पर्यटन के क्षेत्र को बतौर करियर चुनने वाले युवाओं के उज्जवल भविष्य की संभावनाओं का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

पर्यटन और यात्रा प्रबंधन एक विशाल क्षेत्र है जो करियर की बेहतरीन संभावनाएं प्रदान करता है। पर्यटन और यात्रा प्रबंधन की पढ़ाई पूरी करने के बाद आप निजी क्षेत्र (एयरलाइन्स, ट्रांसपोर्ट, होटल, कार्गोस, ट्रैवल एजेंसी) के साथ निदेशालयों और पर्यटन विभाग जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों में जॉब पा सकते हैं।

यात्रा और पर्यटन उद्योग की जॉब्स शानदार पारिश्रमिक और विकास के अवसर प्रदान करती हैं। योग्यता और अनुभव के आधार पर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग वेतनमान होता है। बतौर फ्रेशर कोई आठ से बारह हजार रुपये प्रति माह के आसपास से शुरूआत कर सकता हैं। हालांकि अनुभव बढ़ने के साथ वेतन में भी इज़ाफा होता है। सरकारी अनुमान के मुताबिक अकेले सिर्फ इस क्षेत्र में 10 लाख लोगों की जरूरत पड़ेगी।

कैसे: यात्रा और पर्यटन के सेक्टर में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में करियर के अवसर मौजूद है। जहां तक सार्वजनिक क्षेत्र का सवाल है केंद्रीय और राज्य पर्यटन विभागों में पर्यटन अधिकारी, सूचना सहायक, काउंटर स्टाफ, मार्केटिंग स्टाफ, आरक्षण स्टाफ, टूर गाइड, और टूर प्लॉनर के रुप में सभावनाएं मौजूद हैं। योग्य पर्यटन प्रोफेशनल्स के लिए अन्य शानदार संभावनाएं प्राइवेट सेक्टर में टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसी, एयरलाइंस, होटल, ट्रांसपोर्ट और कार्गो कंपनियों में मौजूद है। कुछ वर्षों के अनुभव के बाद कोई अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकता है और अपने ग्राहको की यात्रा का प्रबंधन कर सकता है।

पर्यटन और यात्रा प्रबंधन के क्षेत्र में स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के विकल्प को चुना जा सकता है। स्नातक कोर्सेज में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी को 10+2 परीक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिये। इसी तरह किसी भी विषय में स्नातक विद्यार्थी पर्यटन और यात्रा प्रबंधन में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षा, समूह चर्चा और व्यक्तिगत साक्षात्कार पास करना होता है। विदेशी भाषा के जानकार उम्मीदवारों को आम तौर पर प्राथमिकता दी जाती है।

इन कोर्सेज़ की अवधि विद्यार्थियों की प्राथमिकताओं के अनुसार एक या दो वर्ष की होती है। इसके अलावा एक वर्ष की अवधि से कम समय के कई अल्पकालिक प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं। सर्टिफिकेट कोर्स के लिए न्यूनतम योग्यता 10+2 है।

कहां: पर्यटन सेवा का उद्योग और अगर किसी को लोगों से मिलकर उन्हें खुश करना अच्छा लगता है तो यह क्षेत्र तमाम तरह के लोगों से मिलने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराता है। विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (डब्लूटीटीसी) 2001 के अनुमान के अनुसार तकरीबन 207 मिलियन लोग यात्रा, पर्यटन, आतिथ्य और इससे जुड़े उद्योगो में कार्यरत हैं। दुनिया में कुल नियोजित कार्य बल में से 8.2 फीसदी और भारत में कुल रोजगार प्राप्त लोगों में से 2.9 फीसदी लोग इस गतिशील यात्रा और पर्यटन उद्योग से जुड़े हुए हैं। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में 5 लाख से अधिक लोग यात्रा और पर्यटन उद्योग में कार्यरत हैं।

संस्थान:

  • श्री कृष्णदेवराय विश्वविद्यालय, अनंतपुर, आंध्र प्रदेश;
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट, हैदराबाद;
  • इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड फ्यूचर मैनेजमेंट, चंडीगढ़;
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवेल मैनेजमेंट, नई दिल्ली;
  • श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली;
  • वाईडब्ल्यूसीए ऑफ दिल्ली वूमेंस ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली;
  • सोफिया कॉलेज, मुंबई;

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