Career as a Tourist Guide / टूरिस्ट गाइड के रूप में कैरियर

What: One of the easiest modes of entertainment is traveling. Traveling has become very easy these days. The growth of travel and tourism industry has opened up many job opportunities. Career as a tour guide is preferred mostly by young aspirants. The job of a travel/tourist guide is both remunerative and challenging. An efficient tourist guide can make any place look beautiful and captivating to the tourists. However for achieving this, he must uphold the cultural traditions and heritage of the place, along with social customs and even local legends. A travel guide must have extensive knowledge of the popular tourist destinations particularly those associated with art, architecture, and culture. Possessing a pleasing personality and the ability to entertain tourists of any age group is always an added advantage for students opting for tourist guide as a career.

A travel / tourist guide’s job is both delightful and challenging. A tourist guide has to make the tourist spots aesthetically appealing, whether it the narrow and filthy lanes of a historical city or the striking landscape of Himalayas. 
He has to uphold the cultural traditions and heritage of the place being visited and also talk of social customs, even local superstitions. In this job, it’s important to satisfy the curiosity of a tourist, especially the first timers.

To put it in precise terms, a tourist guide’s profession is endowed with immense potentials. Travel guiding is a field, where initial struggle does pay rich dividends. Earnings of tour guides vary depending on skills, abilities, professionalism, and customer satisfaction. Regional tour guides may charge anywhere from Rs. 400 and above for an eight hour day. They may earn between Rs. 30,000 – 40,000, and even more, in the 3-4 months of tourist peak seasons.

How: The tourism department holds examination which consists heavily of general knowledge, history and culture etc. The candidate should possess good linguistic skills especially verbal along with a pleasing personality.  Knowledge of foreign language is an added advantage. The candidates are selected generally on the basis of a written test. The pre-requisite for the test is a graduation degree in any discipline. Ministry of Tourism provides licenses to the tourist guides and also organizes Regional Level Tourist Guide Training Programmes. Many of the states in India have made registration of tourist guides mandatory.Job opportunities are also with the various State Tourist Development Corporations in the respective states like M.P. State Tourism Development Corporation, U.P. State Tourism Development Corporation, and ITDC.

For Eligibility Criteria there is no maximum age limit. Preferably graduation degree in any discipline, preferably art, archaeology, history and culture.

Where: One can build a career as a tourist guide in both public and private sector organizations. Tour guides can find job opportunities in tourism departments and tourism directorates of the union and state governments. Apart from these professions, good prospects also lie with airlines, hotels, and transport services. Tour guides can work as travel journalists, travel writers, and freelance tour guides too. Self-employment is a good option in this sector. Generally, after gaining adequate experience and recognition in an established travel agency, agents usually start their own firms.

Institutions: (see below)

क्याः सफर करना मनोरंजन का सबसे आसान तरीकों में शुमार है। आजकल सफर करना काफी आसान हो गया है। ट्रेवल और टूरिज्म इंडस्ट्री के विकास ने इस क्षेत्र में रोजगार की नई संभावनाओं को खोल दिया है। टूर गाइड के तौर पर करियर आमतौर पर युवाओं द्वारा पसंद किया जाता है। ट्रेवेल/टूरिस्ट गाइड का जॉब चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ आकर्षक भी होता है। एक अच्छा टूरिस्ट गाइड किसी भी जगह को शानदार तरीके से और खूबसूरत बना सकता है। हालांकि अच्छे स्तर तक पंहुचने के लिए उस क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ स्थानीय किंवदंतियों की भी अच्छी जानकारी होनी चाहिए। ट्रेवेल गाइड को कला और संस्कृति से जुड़े लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के बारे में व्यापक जानकारी होनी चाहिए। आकर्षक व्यक्तित्व और हर तरह के टूरिस्ट्स का मनोरंजन करने की क्षमता का होना हमेशा टूरिस्ट गाइड के लिए अच्छा होता है।

ट्रेवेल/टूरिस्ट गाइड का जॉब चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ आकर्षक भी होता है। टूरिस्ट्स गाइड किसी भी जगह को अपने शानदार वर्णन से और खूबसूरत बना सकते हैं, फिर चाहे वह किसी ऐतिहासिक शहर की संकीर्ण गलियां हो या फिर हिमालय का विंहगम दृश्य हो। उन्हें क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत की जानकारी होने के अलावा सामाजिक रीति-रिवाज व स्थानीय किंवदंतियों का भी पता होना चाहिए। इस जॉब में टूरिस्ट की जिज्ञासा को शांत करना बेहद अहम होता है खासकर पहली बार आने वालों के।

सीधे शब्दों में कहें तो टूरिस्ट गाइड के प्रोफेशन के लिए अपार क्षमताओं का होना आवश्यक है। ट्रेवेल गाइडिंग एक ऐसा क्षेत्र हैं जिसमें शुरुआती स्तर पर अच्छी कमाई नहीं होती है। टूर गाइड्स की कमाई उनकी क्षमता, कौशल, प्रोफेशनलिज्म और ग्राहकों की संतुष्टी पर निर्भर होती है। स्थानीय टूर गाइड आठ घंटो के लिए 400 रुपये या इससे कुछ अधिक का चार्ज कर सकते हैं। वे टूरिस्ट्स के पीक सीजन में प्रतिमाह तीस से चालीस हजार रुपये तक कमा सकते हैं।

कैसेः टूरिज्म डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान, इतिहास और संस्कृति से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा आकर्षक व्यक्तित्व के साथ अच्छे भाषाई कौशल का होना भी आवश्यक होता है। विदेशी भाषा की जानकारी से अतिरिक्त लाभ मिलता है। आमतौर पर लिखित परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। पर्यटन मंत्रालय द्वारा टूरिस्ट गाइड्स को लाइसेंस देने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर टूरिज्म गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम का भी आयोजन किया जाता है। भारत के कई राज्यों में टूरिस्ट गाइड्स के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और आईटीडीसी जैसे विभिन्न राज्य पर्यटन विकास निगम में भी जॉब के अवसर मौजूद हैं।

इस क्षेत्र में अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है। आमतौर पर कला, पुरातत्व, इतिहास और संस्कृति जैसे विषयों में स्नातक की डिग्री किए हुए छात्रों को फायदा होता है ।

कहांः कोई चाहे तो पब्लिक व प्राइवेट दोनों सेक्टर्स के ऑर्गेनाइजेशंस में में टूरिस्ट गाइड के रूप में करियर बना सकता है। टूर गाइड केंद्र व राज्य सरकार के टूरिज्म डिपार्टमेंट्स व टूरिज्म डायरेक्ट्रेट्स में भी काम कर सकते हैं। इन प्रोफेशंस के अलावा एयरलाइंस, होटल और ट्रांसपोर्ट सर्विसेज में भी जॉब की कई संभावनाएं मौजूद होती हैं। टूर गाइड ट्रेवेल जर्नलिस्ट, ट्रेवेल राइटर्स और फ्रिलांस टूर गाइड के तौर पर भी काम कर सकते हैं। इस सेक्टर में स्वरोजगार एक अच्छा विकल्प है। आम तौर पर किसी स्थापित ट्रेवेल एजेंसी में काम करके पर्याप्त अनुभव और पहचान हासिल करने के बाद ट्रेवेल एजेंट्स अपना खुद का फर्म खोल लेते हैं।

ऽ यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली, नई दिल्ली
ऽ कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, रोहतक
ऽ आगरा यूनिवर्सिटी, आगरा।
ऽ बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
ऽ बंगलौर यूनिवर्सिटी, बंगलौर
ऽ सीता एकेडमी, नई दिल्ली
ऽ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रेवेल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, नई दिल्ली।



  • University of Delhi, New Delhi
  • Kurukshetra University, Rohtak
  • Agra University – Agra.
  • Banaras Hindu University, Varanasi
  • Bangalore University, Bangalore
  • SITA Academy- New Delhi
  • Indian Institute of Travel and Tourism Management- New Delhi.

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