Career in Calibration and Testing / कैलिब्रेशन और टेस्टिंग में करियर

What: A calibration and testing are procedures in which an instrument, tool, or device is tested to confirm that it conforms to the standard. Calibration is very important, as it ensures that objects are working properly. There are a number of reasons to conduct a calibration test, ranging from concerns that something is not working as it should be in preparations for an event in which very precise calibration is desired, and there are a number of ways to perform a calibration.

In some cases, people may conduct their own calibration tests. For example, a supermarket might check the accuracy of its scales every week with an object of a known weight. Market employees would zero out the scales, place the object on the scale, and take a reading before zeroing the scale out again and weighing a second time. For thoroughness, several different weights would be tried, to confirm that the scale can handle a range of weights. If inaccuracies were identified, the scales would need to be repaired, adjusted, or replaced. Calibration test kits are available for many common instruments and tools so that people can perform equipment calibration on their own.

The initial salary can be between 15-20,000 per month, which vary in private, and government firms.

How: Typically calibration and testing professionals chart the sequence of testing and calibration for instruments and equipment as per the blueprints, schematics, technical manuals and other specifications. They meticulously conduct preventive and corrective maintenance of peripheral equipment and test apparatus. To excel in this field you need good communication skills backed by logical thinking to interact with engineers, supervisors and other technical workers to assist with equipment installation, maintenance and repair techniques. Hone your maths, stats and algebra skills, as you will be required to analyse and convert test data, using mathematical formulas and report results and proposed modifications.

Determining causes of operating errors and deciding what to do about it is another major area of work that you will need to undertake. Work opportunities exist in calibration labs and industries engaged in electro-technical, mechanical, radiological, thermal and optical and fluid-flow measurements. You can also work with various MNCs, PSUs, R&D centres and SMEs that require calibration and testing services.

Where: New Delhi (www.stqc.nic.in) offers a post- diploma in test engineering, calibration & maintenance of electronic equipment. Regional Testing Centre, Chennai, offers entrepreneurial and skill development programmes in calibration of measuring instruments (mechanical/electrical and electronics).

The eligibility for this course is: Degree/diploma in engineering in relevant field. After gaining some work experience and expertise in the field, you can opt for some of the advanced training courses offered by National Accreditation Board for Testing & Calibration Laboratories (NABL), New Delhi (www.nabl-india.org).

क्या: कैलिब्रेशन और टेस्टिंग वह प्रक्रिया है जिसमें किसी इंस्ट्रूमेंट, टूल या डिवाइस के मानकों का परीक्षण किया जाता है। कैलिब्रेशन बेहद अहम होता हैं क्योंकि इससे वस्तुओं के ठीक से काम करने को सुनिश्चित किया जाता है। कैलिब्रेशन टेस्ट करने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कोई चीज उस तरह से काम नहीं कर रही है जैसा किसी इवेंट की तैयारी के मद्देनजर इसे होना चाहिए था और कैलिब्रेशन करने के कई तरीके होते हैं।

 

कुछ मामलों में लोग खुद कैलिब्रेशन टेस्ट कर सकते हैं जैसे कोई सुपरमार्केट किसी पैमाने से हर हफ्ते अपने स्केल की शुद्धता की जांच कर सकता है। मार्केट के कर्मचारी पहले स्केल को जीरो पर कर देते होंगे उसके बाद वस्तु को स्केल पर रखते होंगे और जीरो करने से पहले और तौलने के बाद की दूसरी वाली रीडिंग लेते होंगे। शुद्धता के लिए कई तरह के वजन लिए जाते होंगे जिससे ये सुनिश्चित हो सके की स्केल कई तरह के भार को उठा सकता है। अशुद्धियों की पहचान होने पर स्केल को रिपेयर करना या बदलना पड़ेगा। आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले कई इंस्ट्रूमेंट्स और टूल्स के लिए कैलिब्रेशन किट उपलब्ध है जिसकी मदद से कोई खुद भी कैलिब्रेशन टेस्ट कर सकता है।

 

इस क्षेत्र में शुरुआती वेतन प्रतिमाह पंद्रह से बीस हजार रुपये तक हो सकता है जो सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में अलग अलग होता है।

 

कैसे: आमतौर पर कैलिब्रेशन और टेस्टिंग प्रोफेशनल्स ब्लूप्रिंट, तकनीकी मैनुअल और अन्य निर्देशों के मुताबिक इंस्ट्रूमेंट्स एवं इक्विपमेंट्स के लिए टेस्टिंग और कैलिब्रेशन के क्रम को चार्ट करते हैं। वे सावधानीपूर्वक परिधीय और परीक्षण उपकरणों के निवारक और सुधारात्मक रखरखाव का संचालन करते है। इस क्षेत्र में अच्छा काम करने के लिए आपके पास अच्छी कम्यूनिकेशन स्किल होनी चाहिए इसके अलावा इक्विपमेंट्स इंस्टॉलेशन, मैनटेंस औऱ रिपेयर तकनीक के संदर्भ में इंजीनियर्स, सुपरवाइजर्स और अन्य टेक्निकल वर्कर्स साथ बातचीत करने के लिए तार्किक सोच भी होनी चाहिए। आपको गणित, सांख्यिकी और बीजगणित जैसे विषयों में मेहनत करनी चाहिए क्योंकी आपको गणितीय सूत्रों का इस्तेमाल करते हुए टेस्ट डेटा के आकलन और विश्लेषण की आवश्यकता पड़ेगी।  

 

ऑपरेटिंग समस्याओं की वजह का पता लगाना और उसमें सुधार के लिए फैसले लेना भी इस क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकता होती है। काम करने के अवसर इलेक्ट्रो टेक्निकल, मैकेनिकल, रेडियोलॉजिकल, थर्मल, ऑप्टिकल और फ्ल्यूड फ्लो मापन के क्षेत्र में काम करने वाली कैलिब्रेशन लैब्स और इंडस्ट्रिज में काम करने के तमाम अवसर मौजूद है। इसके अलावा आप विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और ऐसे एसएमई में काम कर सकते हैं जहाँ कैलिब्रेशन और टेस्टिंग सर्विसेज की आवश्यकता होती है।

 

कहां: नई दिल्ली के (www.stqc.nic.in) की तरफ से इंजीनियरिंग, कैलिब्रेशन एडं मैनटेनेंस ऑफ इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स में पोस्ट डिप्लोमा की पेशकश की जा रही है। चेन्नई के रीजनल टेस्टिंग सेंटर की ओर से कैलिब्रेशन ऑफ मेसरिंग इंस्ट्रूमेंट्स (मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स) में स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स की पेशकश की जा रही है।

 

इस कोर्स के लिए अभ्यर्थी के पास प्रासंगिक क्षेत्र में इंजीनियरिंग में डिग्री/डिप्लोमा होना चाहिए। इस क्षेत्र में कुछ कार्य अनुभव और विशेषज्ञता हासिल करने के बाद आप नई दिल्ली के नेशनल एक्रीडिएशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज (www.nabl-india.org) से एडवांस ट्रेनिंग कोर्सेज के विकल्प को भी चुन सकते हैं।

INSTITUTES

 

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